विनम्रता

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1853
पुरूष शब्‍द का अर्थ क्या है?
पुरूष शब्‍द का अर्थ क्या है?

मैं विनम्र हूँ,यदि तुम यह कहते हो,कि मैं विनम्र हूँ,तो तुम नहीं हो,कौन दावा कर रहा है इस विनम्रता का? विनम्र होने का दावा नहीं किया जा सकता है,यदि तुम विनम्र हो तो हो विनम्र,लेकिन तुम उसे कह नहीं सकते,न तो उसे तुम कह सकते हो बल्कि तुम उसे अनुभव भी नहीं कर सकते कि विनम्र हो,क्यों की इस बात का अनुभव भी फिर अहंकार को जन्म देगा,खाली बनो,लेकिन यह मत सोचो की तुम खाली हो,अन्यथा तुम स्वयं को ही धोखा दे रहे हो।

 

  • Harsh Jain

    में नहीं सोचता कि ये विनम्रता कि परिभाषा है।यह तो मुझे अहंकार की परिभाषा लगती है।अगर हम उपर लिखे हुए ओशो के वचनों में विनम्रता कि जगह लालची लिख दें तो येसा लगता है कि हमने लालच को जान लिया। वास्तव में यह अहंकार का विवरण है।