Latest Quotes

धर्म और राजनीति

राजनीति का अर्थ होता है: दूसरों को कैसे जीत लूं? धर्म का अर्थ होता है: स्वयं को कैसे जीत लूं? इसलिये धर्म और राजनीति...

कल्पना क्या है?

कल्पना ही तो सताती है, परेशान करती है। कल्पना कहती है और थोड़ा सुधार लो, फिर भोग लेना; और थोड़ा सुधार लो, फिर भोग...

जीवन जीने की कला

जीवन को एक कला समझो । और कला की कुंजी यही है : रातो को दिन बनाओ, अंधेरो मे दीये जलाओ, शोरगुल मे भी संगीत...

लोग क्या कहेंगे

जिन्दगी में आप जो करना चाहते है, वो जरूर कीजिये, ये मत सोचिये कि लोग क्या कहेंगे। क्योंकि लोग तो तब भी कुछ कहते...

प्रेम

"प्रेम का दुख हार्दिक है। कांटा हृदय में चुभता है, भूख हृदय में अनुभव होती है। उदासी, विषाद हृदय के केन्द्र में उमग्रता है।...

स्वयं के प्रति सच्चे और ईमानदार रहो

"गौतम बुद्ध अतीत के सब गुरुओं का प्रतिरूप हैं। शिष्य को दूर रखना होगा। उसे अनुशासन, समादर और आज्ञापालन सीखना होगा। यह एक प्रकार...

Unconditional Love

Knowing one’s original face is the beginning of a life of love, of a life of celebration. You will be able to give so...

डर, प्रेम, ख़ुशी

उस तरह मत चलिये जिस तरह डर आपको चलाये । उस तरह चलिये जिस तरह प्रेम आपको चलाये । उस तरह चलिये जिस तरह ख़ुशी आपको...

हँसना

हंसो ??? बहाने मिलें तो ठीक , न बहाने मिलें तो कुछ खोजो ! मगर जिंदगी तुम्हारी एक हंसी का सिलसिला हो । हंसी तुम्हारी सहज...
ऐसा गुरु खोजों जिसमे श्रद्धा हो

सत्य और असत्य

सत्य जब भी अवतरित होता है,  तब व्यक्ति के प्राणो पर अवतरित होता है । सत्य भीड के उपर अवतरित नही होता । सत्य को पकडने...