Tuesday, April 24, 2018
Tags सभोंग से समाधि की ओर

Tag: सभोंग से समाधि की ओर

स्वर्ग से नरक की यात्रा

एक छोटी सी कहानी से मैं अपनी बात शुरू करना चाहूंगा। बहुत वर्ष बीते, बहुत सदियां । किसी देश में एक बडा चित्रकार था। वह...

परमात्मा से प्रेम

रामानुज एक गांव से गुजर रहे थे। एक आदमी ने आकर कहा कि मुझे परमात्मा को पाना है। तो उन्होंने कहा कि तूने कभी...

व्यावसायिक दिमाग (धन्धा चलता रहे)

एक रात एक मधुशाला में बड़ी देर तक कुछ मित्र आके खाना-पीना करते रहे, शराब पीते रहे. उन्होंने खूब मौज की. और जब वो...

हिटलर की शादी

हिटलर अपने कन्धे पर हाथ किसी को भी नहीं छुआ सकता है. इसीलिए शादी भी नहीं की. कम से कम पत्नी को तो छुआना...

मन का रहस्य

फ़्रायड ने अपनी जीवन-कथा में एक छोटा सा उल्लेख किया है. लिखा है उसने कि एक सन्ध्या विएना के बग़ीचे में वो अपनी पत्‍नी...

मन्दिर और भगवान

"मन्दिर भगवाने के लिए नहीं बनाए जाते" एक मन्दिर बनाता था एक आदमी, एक गाँव में मैंने देखा है, एक मन्दिर बन रहा है, भगवान...

स्‍त्री का अस्तित्व

पूरब की स्‍त्री गुलाम है। उसने कभी यह घोषणा ही नहीं की कि मेरे पास भी आत्मा है। वह चुपचाप पुरूष के पीछे चल पड़ती...