Wednesday, December 13, 2017
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Tag: सत्य

सत्य को पाना है तो स्वयं को छोड़ दो

एक राजा था। उसने परमात्मा को खोजना चाहा। वह किसी आश्रम में गया। उस आश्रम के प्रधान साधु ने कहा, "जो कुछ तुम्हारे पास...

सत्य और असत्य

सत्य जब भी अवतरित होता है,  तब व्यक्ति के प्राणो पर अवतरित होता है । सत्य भीड के उपर अवतरित नही होता । सत्य को पकडने...

मैं कौन हूं?

एक मंदिर में बोलने गया था। बोलने के बाद एक युवक ने कहा, 'क्या मैं एक प्रश्न पूछ सकता हूं? यह प्रश्न मैं बहुतों...

बंद हवाएं

एक युवक समुद्र के किनारे घूमने गया था। बहुत सुंदर, बहुत शीतल, बहुत ताजगी देने वाली हवाएं उसे वहां मिली। वह एक युवती को...

युवा होना क्या है !

सभी युवक, युवक नहीं होते। सभी बूढे, बूढ़े नहीं होते। जिसे युवक होने की कला आती है, वह बूढ़ा होकर भी युवक होता है।...

स्वयं की आंख

मैंने सुना है एक आदमी अंधा था। उसके आठ लड़के थे, आठ बहुएं थीं। चिकित्सकों ने कहा कि तुम्हारी आंख ठीक हो सकती है, आपरेशन...

चैतन्य

चैतन्य का अर्थ है कि जहां न राग है, न विराग है; न शुभ है, न अशुभ है— जहां मात्र चैतन्य ही है, शुद्ध...

मैं कौन हूं?

एक रात्रि की बात है। पूर्णिमा थी, मैं नदी तट पर था, अकेला आकाश को देखता था। दूर—दूर तक सन्नाटा था। फिर किसी के...