ऐसा गुरु खोजों जिसमे श्रद्धा हो

सत्य और असत्य

सत्य जब भी अवतरित होता है,  तब व्यक्ति के प्राणो पर अवतरित होता है । सत्य भीड के उपर अवतरित नही होता । सत्य को पकडने...

चैतन्य

चैतन्य का अर्थ है कि जहां न राग है, न विराग है; न शुभ है, न अशुभ है— जहां मात्र चैतन्य ही है, शुद्ध...
पुरूष शब्‍द का अर्थ क्या है?

विनम्रता

मैं विनम्र हूँ,यदि तुम यह कहते हो,कि मैं विनम्र हूँ,तो तुम नहीं हो,कौन दावा कर रहा है इस विनम्रता का? विनम्र होने का दावा...

प्रेम और मृत्यु

जिसके सामने मृत्यु समर्पण करती है !! प्रेम एकमात्र तत्व है, जिससे मृत्यु हारती है; जिसके सामने मृत्यु समर्पण करती है। इसे समझना। इसीलिये जिसका हृदय प्रेम से...

प्रेम और युद्ध

प्रेम और युद्ध मैं यही अंतर है, युद्व दूसरे को मिटा के जीता जाता है और प्रेम खुद को मिटा के जीता है! युद्ध मैं...

Money is What?

A real spirituality must be rooted in earthliness. Any spirituality that denies the earth, rejects the earth, becomes abstract, becomes airy-fairy. It has no...

भूल

भूल भी ठीक की तरफ ले जाने का मार्ग है। इसलिए भूल करने से डरना नहीं चाहिये, नहीं तो कोई आदमी ठीक तक कभी...

बुद्ध का धर्म

बुद्ध ने एक धर्म दिया, जो परमात्मा से मुक्त है। बुद्ध ने एक मोक्ष दिया, जिसमें परमात्मा की कोई आवश्यकता नहीं। इतनी ऊंचाई पर...

नर्क और स्वर्ग?

नर्क और स्वर्ग चित्त की अवस्थाएं हैं। अगर तुमने प्रेम किया तो तुम स्वर्ग में हो, अगर तुमने घृणा की तो तुम नर्क में हो।...

संसारिक प्रेम

मैं तुम्‍हें संसार के प्रति प्रेम से भरना चाहता हूँ!! मैं चाहता हूँ कि तुम्‍हारे ह्रदय में संसार के निषेद की जो सदियों-सदियों पुरानी धारणाओं...